गैचार(चमोली)
उद्यमशीलता आज के समय की आवश्यकता है, उद्यमशील मानसिकता के साथ और 21वीं सदी के कौशलों को जानते हुए विद्यार्थी भविष्य का रास्ता बखूबी तय कर सकते हैं , यह बात जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली गौचर में कक्षा 12 के लिए चल रहे तीन दिवसीय कौशलम् अभिमुखीकरण कार्यशाला के समापन सत्र पर संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कही l
तीन दिवसीय कौशलम् प्रशिक्षण में जनपद के, 110 विद्यालयों द्वारा प्रतिभाग किया गया, कौशलम कार्यक्रम के जिला समन्वयक सुबोध कुमार डिमरी ने बताया कि यह प्रशिक्षण वर्तमान में प्रदेश के सभी शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में चलाया जा रहा है , इसी के तहत प्रथम चरण में कक्षा 12 के 110 विद्यालयों के शिक्षकों को कौशलम् पाठ्यचर्या का प्रशिक्षण दिया गया , इसके बाद कक्षा 9, कक्षा 10 और कक्षा 11 के शिक्षकों के लिए भी यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा l कक्षा 9 में जनपद के 188, कक्षा 10 में 188 व कक्षा 11 में 110 शासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा l
समस्त प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली गौचर में संपादित किए जाएंगे l
कौशलम् पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के सह- समन्वयक डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि
इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अंदर उद्यमशील मानसिकता का विकास करना है जिससे वह भविष्य में स्वरोजगार के लिए उन्मुख हो सकें और रोजगार से जुड़ी किसी भी परिस्थिति के लिए मजबूत बन सकें, यह 4 वर्ष का पाठ्यक्रम है जो कक्षा 9 से प्रारंभ होकर कक्षा 12 तक चलेगा ल

कार्यक्रम में संदर्भदाता के रूप में राजेंद्र सिंह कंडारी, मनोज देवराडी, कुलदीप कुमार, पंकज अग्रवाल, अरविंद नेगी , आशीष कुमार, भरत दानू द्वारा कौशलम् पाठयक्रम की बारीकियां समझाई गई ल

प्रशिक्षण के समापन सत्र में, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली गौचर के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, प्रदीप चंद्र नौटियाल वीरेंद्र सिंह कठैत, रविंद्र सिंह बर्त्वाल , बच्चन जितेला, नीतू सूद , मृणाल जोशी , सुमन भट्ट, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के जिला समन्वयक तेजेंद्र सिंह रावत उपस्थित रहे l
कार्यक्रम के उद्घाटन एवं समापन सत्र का संचालन कार्यक्रम के सह- समन्वयक डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया l


