25 मुख्य चिकित्सालयों मै ऐसोलेशन वार्ड बनाये
डेंगू रोग रोकथाम के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया

गोपेश्वर –
डेंगू रोग रोकथाम अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में गत तीन माह से चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक 24415घरों का सर्वे कर लार्वा निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।अभियान के अंतर्गत 30742 कंटेनर की जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जनपद में गत आठ मई से डेंगू रोकथाम अभियान चलाया जा रहा हैं। इसके अंतर्गत आशा, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीमें घर-घर भ्रमण कर लोगों को डेंगू रोग रोकथाम के प्रति जागरूक कर सर्वे व लार्वा निरोधात्मक कार्यवाही कर रही हैं। स्वास्थ्य टीमों द्वारा घरों में पानी की टेंक का निरीक्षण, टायर, गमलों, फ्रीज ट्रे आदि उन वर्तनों से पानी साफ करवाया गया जहां डेंगू के मच्छर के पनपने की आशंका होती है। उन्होंने बताया कि अब तक 71540आबादी के 24415 घरों का सर्वे किया गया। जिसमें 30742 पानी के कंटेनर की जांच की गई, किसी भी स्थानों पर लार्वानहीं पाया गया, उन्होंने बताया कि बुखार के लक्षण मिलने पर आज तिथि तक 106 लोगो की डेंगू जांच की गई, जनपद में सभी मरीजो की रिपोर्ट नेगेटिव आयी। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में भी डेंगू रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 अभिषेक गुप्ता ने जनमानस से डेंगू रोकथाम अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा रूके हुए पानी में डेंगू का मच्छर पनपने की आशंका बनी रहती है, लिहाजा डेंगू से बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि डेंगू के मच्छर को पनपने ही न दें, इसके लिए घरों, स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, उन्होने जल भंडारण की वस्तुओं को ढक कर रखने, कूलर, फूलदान, टंकी आदि ऐसी चीजें जहां पानी एकत्र हो सकता है वहां पानी एकत्र न होने दें व इन स्थानों पर सप्ताह में एक बार सफाई करने तथा डेंगू के मच्छर से बचाव हेतु पूरी बांहों वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी, मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे आदि का प्रयोग करने करें।
उन्होंने बताया कि डेंगू रोग रोकथाम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर दी गई है, बताया कि जनपद के प्रमुख दस चिकित्सालयों में 25आइसोलेसन वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में 06 व उपजिलाचिकित्सालय कर्णप्रयाग में 06, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ,नंदा नगर, पोखरी थराली एवं गैरसैंण में उपलब्धता के आधार पर दो-दो बेड एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दसौली, नारायणबगड़,एवं देवाल में उपलब्धता के आधार पर एक-एक बेड सहित कुल 25 बेड वाले आइसोशलन वार्ड बनाए गए हैं व वार्ड नोडल की तैनाती भी कर दी गई है। बताया कि डेंगू रोग प्रबंधन के तहत चिकित्सालयों में प्रर्याप्त मात्रा में दवा व जांच किट उपलब्ध हैं।



