
गौचर। के एस असवाल की रिपोर्ट
क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने लोगों घरों में दुबके रहने को मजबूर हो गए हैं। जिन लोगों के आशियाने टूट गए हैं उनके सामने सिर छुपाने का भी संकट पैदा हो गया है।
रविवार रात से शुरू हुई बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। इससे लोगों की दिनचर्या ही खराब हो गई है। कास्तकारों के सामने मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था करने का भी संकट पैदा हो गया। पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से पीने के पानी की भी समस्या पैदा हो गई है।विकास खंड पोखरी के ग्राम सभा काण्डा प्रधान कल्याण सिंह रावत के अनुसार क्वैंठी हाईस्कूल के साथ ही कई आवासीय भवन भू धंसाव के चलते खतरे की जद में आ गए हैं। ग्राम क्वैंठी हाईस्कूल एवं क्वैंठी तोक काण्डा गांव में कई आवासीय भवन के साथ ही कई गौशालाएं भू धंसाव की चपेट में आने इन लोगों के सामने सिर छुपाने के साथ मवेशियों को बचाने की भी समस्या हो गई है। बारिश से जूनियर हास्कूल क्वींठी का नव निर्मित भवन धंसने के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि बिजेंद्र रावत, रविन्द्र रावत, नरेन्द्र रावत, रविन्द्र सिंह, दमयंती देवी, मुकेश सिंह व रणबीर सिंह के भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से उनके सामने सिर छुपाने का संकट पैदा हो गया है। हांलांकि प्रशासन ने उनके रहने की व्यवस्था प्राथमिक विद्यालय में की है लेकिन यह भवन भी खतरे की जद में होने वहां पर रहना भी खतरे से खाली नहीं है।जिन लोगों के पास मवेशी नहीं हैं उन्होंने गौचर में किराए के भवनों में शरण ले ली है। जिनके पास मवेशी हैं उनका कहना है कि वे अपने मवेशियों को कहां ले जाएं आने जाने के रास्ते भी नहीं बचे हैं। ग्राम प्रधान मुकेश रावत, काण्डा के ग्राम प्रधान कल्याण सिंह रावत का कहना है कि गांव के वलवन्त सिंह रावत,रणवीर सिंह रावत, जयेश रावत, रवि रावत,कुंदन सिंह, बलवीर सिंह, बिरेन्द्र सिंह,गोपाल सिंह,संदीप सिंह के आवासीय भवनों में बड़ी बड़ी दरारें आने से भवनों को खतरा पैदा हो गया है। समाज सेवी गोकुल सिंह नेगी ने बताया कि रात को लोग डर के मारे सो नहीं रहे हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने जिन लोगों को एक लाख 30 हजार के चैक दिए थे उन्होंने इसे नाकाफी बताते हुए लौटा दिया है।


