नंदा देवी की बड़ी जात का आयोजन वर्ष 2026 में ही होगा
नंदानगर महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय, बसंत पंचमी को कुरुड़ सिद्धपीठ में तय होगा मुहूर्त

नंदा नगर /चमोली
हिमालय की आराध्य देवी मां नंदा की बड़ी जात का आयोजन वर्ष 2026 में ही किए जाने का सर्वसम्मत निर्णय नंदानगर में आयोजित महापंचायत में लिया गया। नंदानगर के ब्लॉक सभागार में सोमवार को हुई इस महापंचायत में दशोली, बधाण और बंड क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मां नंदा के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालु, हक–हकूकधारी, जनप्रतिनिधि, धर्माचार्य और महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन के दौरान सभागार भक्तिमय वातावरण में नजर आया।
महापंचायत में तय किया गया कि आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बड़ी जात यात्रा का मुहूर्त निकाला जाएगा। यात्रा को लोक परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और जन सहभागिता के साथ भव्य रूप से संपन्न कराने पर भी सहमति बनी। इस अवसर पर बड़ी जात के सफल आयोजन के लिए एक समिति के गठन का निर्णय लिया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्नल हरेंद्र सिंह रावत को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। समिति का विस्तार आगे किया जाएगा ताकि यात्रा की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें।
महापंचायत का संचालन करते हुए कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रोतेला ने कहा कि यह महापंचायत सभी संबंधित क्षेत्रों की सहमति के बाद मां नंदा को साक्ष्य मानकर बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी जात यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

सेवानिवृत्त कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नंदा देवी की यात्रा को किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। यह विशुद्ध रूप से आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन है, जिसे लोक विश्वास के आधार पर ही संचालित किया जाना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि नंदा देवी सभी क्षेत्रवासियों की आराध्य देवी हैं और यात्रा के आयोजन में किसी प्रकार की राजशाही या राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। वक्ताओं ने हाल में यात्रा स्थगन को लेकर आई चर्चाओं पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। महापंचायत की अध्यक्षता नंदानगर की ब्लॉक प्रमुख हिमा देवी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, कुरुड़ मंदिर समिति के पदाधिकारी, पुजारी मुंशी राम गौड़, पूर्व जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। महापंचायत के अंत में सभी ने मां नंदा की बड़ी जात को एकजुटता और परंपरा के साथ आयोजित करने का संकल्प लिया।


