मनरेगा के मूल स्वरूप और काम के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस की लड़ाई जारी – लखपत बुटोला

चमोली –
मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखने और ग्रामीणों के काम के अधिकार की सुरक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को गोपेश्वर में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध को चौपाल के रूप में आयोजित कर कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व बदरीनाथ के विधायक एवं कांग्रेस नेता लखपत सिंह बुटोला ने किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार ने मनरेगा अधिनियम लागू कर ग्रामीण परिवारों को रोजगार का वैधानिक अधिकार दिया था। यह कानून गरीबों और मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करने और आम जनता के रोजगार के अधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।विधायक बुटोला ने कहा कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिससे हजारों परिवारों को जीविका मिलती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा बहाल करो” और “काम हमारा अधिकार है” जैसे नारों वाली तख्तियां हाथों में लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। चौपाल में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुरेश डिमरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंवार, मुकुल बिष्ट, योगेंद्र सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह सजवाण, पूर्व प्रमुख कमल सिंह रावत, रविंद्र वर्त्वाल, अनिल कठैत, सुपिया सिंह, गंगा देवी, दीपा बिष्ट सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


