उत्तराखंड

पिंडरघाटी के कई गांव आज भी संचार सुविधा से वंचित

ग्रामीणों ने 2027 विधानसभा चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

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थराली –

आजादी के 78 वर्ष बाद भी विकासखंड देवाल की पिंडर घाटी के कई गांव आज तक सुचारु संचार सुविधा से वंचित हैं। सौरीगाड़, उदयपुर, खेता, मानमती, रामपुर, तोरती समेत अन्य गांवों में नेटवर्क की गंभीर समस्या के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क नहीं होने से आपातकालीन स्थिति में सूचना देना मुश्किल हो जाता है। सरकार भले ही डिजिटल इंडिया की बात कर रही हो, लेकिन क्षेत्र में नेटवर्क न होने के कारण सरकारी कार्य, राशन कार्ड और मनरेगा की केवाईसी, ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं। खेता-मानमती निवासी प्रकाश राम ने बताया कि पिंडर घाटी में बीएसएनएल के चार टावर 4जी सैचुरेशन योजना के तहत लगाए गए हैं, जिनमें तोरती का मुनियालीखेत टावर, कुंवरपाटा का बजाई टावर, उदयपुर का हरमल टावर तथा खेता का 2जी से 4जी में अपग्रेड टावर शामिल हैं, लेकिन ये टावर काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक पत्राचार तथा देहरादून में सीजीएम से मुलाकात के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। साथ ही आठ वर्ष पूर्व लगाया गया जियो टावर भी अब तक चालू नहीं हो पाया है।

 

पूर्व सैनिक दान सिंह गड़िया ने बताया कि वर्ष 2008 में लगा बीएसएनएल टावर बेहतर काम करता था, लेकिन 4जी के नाम पर नई व्यवस्था लागू होने के बाद संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ब्लॉक प्रमुख देवाल तेजपाल रावत ने कहा कि पिंडर घाटी के कई गांव नेटवर्क विहीन हैं। इस संबंध में उन्होंने सांसद अनिल बलूनी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की थी, जिन्होंने 5-6 महीने में संचार व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सरकार से जल्द कार्रवाई कर क्षेत्र को नेटवर्क सुविधा से जोड़ने की मांग की।

ग्रामीण पुष्कर सिंह दानू, पान सिंह बिष्ट, शेर सिंह दानू, कलम सिंह दानू, प्रेम सिंह दानू, दीवान सिंह बिष्ट, नंदन सिंह दानू समेत अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र संचार व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

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