उत्तराखंड

आपदा प्रभावित थराली में टेंडर प्रक्रिया के बजाय वर्क ऑर्डर से कार्य कराने की मांग

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*गोपेश्वर/चमोली से संवाददाता*

देवीय आपदा से प्रभावित विकासखंड थराली में क्षेत्र पंचायत निधि से होने वाले विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वर्क ऑर्डर प्रणाली लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में क्षेत्र पंचायत सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल ज्येष्ठ प्रमुख नवनीत रावत के नेतृत्व में जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचा और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी द्वारा प्राप्त किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि थराली विकासखंड आपदा से गंभीर रूप से प्रभावित है, जिसके चलते यहां अनेक स्थानों पर त्वरित विकास कार्यों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में क्षेत्र पंचायत निधि से स्वीकृत कार्यों को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाने की बाध्यता के कारण कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया न केवल समय लेने वाली है, बल्कि इससे छोटे-छोटे आवश्यक कार्य भी लंबे समय तक अधर में लटके रहते हैं। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि ₹2.50 लाख तक की लागत वाले कार्यों को टेंडर प्रक्रिया से कराने के बजाय वर्क ऑर्डर प्रणाली के तहत कराया जाए। इससे क्षेत्र पंचायत सदस्यों की निगरानी में कार्य तेजी से और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकेंगे। सदस्यों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि क्षेत्र की आवश्यकताओं को बेहतर समझते हैं, इसलिए उनके माध्यम से कार्य कराना अधिक प्रभावी साबित होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि वर्क ऑर्डर प्रणाली अपनाने से पारदर्शिता बनी रहेगी और जरूरतमंद स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्य हो सकेंगे। उन्होंने प्रशासन से इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।

अंतिम रूप से ज्ञापन पर पूनम देवी, दीपिका देवी, सुमन, मुन्नी देवी, बबीता देवी, पार्वती, मंगला, सुनीता, हेमा, वीरेंद्र सिंह, राजेश चौहान, नवनीत, कुँवर सिंह , दया कृष्ण देवरानी सहित अन्य क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं, जो इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं।

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