नंदा नगर क्षेत्र के विद्यार्थियों की जायज़ मांगों की लगातार उपेक्षा

नंदा नगर –
नंदा नगर क्षेत्र के तीन गांवों के छात्र-छात्राएं पिछले आठ दिनों से विज्ञान संकाय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। यह केवल छात्रों की मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के बच्चों के भविष्य और शिक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। अत्यंत खराब मौसम के बावजूद अभिभावक और क्षेत्रवासी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
वर्ष 2021 में क्षेत्र के कई इंटर कॉलेजों में विज्ञान संकाय खोले जाने की घोषणाएं की गई थीं। वर्षों बीत जाने के बाद भी न तो शासनादेश जारी हुआ और न ही धरातल पर कोई कार्यवाही दिखाई दी। हर वर्ष पत्राचार और मांगें उठाई जाती रही हैं, लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
आज स्थिति यह है कि तीनों गांवों के अभिभावक भी छात्रों के साथ धरने पर बैठे हैं। क्षेत्र में रोजगार और अन्य समस्याएं पहले से मौजूद हैं, ऐसे में शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी अत्यंत चिंताजनक है। न तहसील स्तर का कोई अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचा है और न ही जिला अथवा राज्य स्तर से कोई सार्थक पहल हुई है।
हम शासन और प्रशासन से मांग करते हैं कि छात्रों की इस न्यायोचित मांग पर तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा विज्ञान संकाय खोलने संबंधी घोषणाओं को शीघ्र अमल में लाया जाए। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और अधिक उग्र हो सकता है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
शिक्षा हमारा अधिकार है, इसे हम लेकर रहेंगे।



