मोहनखाल-चोपता-तुंगनाथ सड़क के लिए आंदोलन तेज, दूसरे दिन विधायक बुटोला ने दिया समर्थन

सरकार तत्काल शुरू करे निर्माण प्रक्रिया, नहीं तो आंदोलन होगा व्यापक : संघर्ष समिति,
पोखरी-
22 किमी लंबे मोहनखाल-किणजाणी-चोपता-तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर सड़क संघर्ष समिति, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों का अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला और केदारनाथ विधानसभा से उत्तराखंड क्रांति दल के विधायक प्रत्याशी डॉ. आशुतोष भंडारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया।सड़क निर्माण की घोषणा के बावजूद करीब दो वर्ष से ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्वतंत्रता दिवस से शुरू हुए आंदोलन की अगुवाई सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश नेगी और मोहनखाल व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बिष्ट कर रहे हैं।
संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश नेगी और व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट ने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मोटर मार्ग के निर्माण की मांग उठा रहे हैं। सड़क बनने से मोहनखाल क्षेत्र सीधे चोपता और तुंगनाथ धाम से जुड़ जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। चोपता-तुंगनाथ पहुंचने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यह महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग भी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि करीब दो वर्ष पूर्व भी क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इसके बाद 6 अक्टूबर 2024 को अगस्त्यमुनि में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई।
13 किमी सड़क पहले ही बन चुकी, शेष हिस्से का इंतजार
संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 1960 के दशक में वन विभाग की ओर से करीब 13 किमी सड़क का निर्माण किया जा चुका है। ऐसे में शेष हिस्से को आगे बढ़ाकर मोहनखाल को चोपता और तुंगनाथ से जोड़ने में सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजी देवी और ज्येष्ठ प्रमुख ऊषा कंडारी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। विधायक बुटोला ने कहा कि सरकार को तत्काल मोहनखाल-किणजाणी-चोपता-तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। सड़क बनने से क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को लंबे समय से आश्वासन मिलते रहे हैं, अब सरकार को धरातल पर काम करना चाहिए।
वहीं केदारनाथ विधानसभा से यूकेडी के विधायक प्रत्याशी डॉ. आशुतोष भंडारी, यूकेडी पोखरी ब्लॉक अध्यक्ष युदुवीर नेगी, दमयंती चौधरी और गिरीश नेगी ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
दूसरे दिन धरने पर सड़क संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश नेगी, मोहनखाल व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बिष्ट, दीपक सिंह, सुनील सिंह, पुष्कर सिंह, हरीश सिंह, नवीन सिंह, जीतपाल सिंह, किशोर सिंह, प्रकाश लाल, लखपत सिंह, विनय थपलियाल, अकुर रौथाड़, बृजपाल सिंह, गोविंद प्रसाद, सूरज सिंह, प्रमोद सिंह समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी और संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
