मूसलाधार बारिश से नारायणबगड़ में तबाही, मकान पर गिरा विशाल पेड़, कई गांवों का संपर्क टूटा
नारायणबगड़ – सोमवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने नारायणबगड़ क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। उफनते नालों से बहकर आए मलबे ने थराली-बगड़ बाजार को पूरी तरह पाट दिया, जिससे सिमली -ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव हो गया और कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया। सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और हाईवे से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया। इसके बाद रात करीब 10 बजे तक बाजार के विभिन्न हिस्सों में जमा मलबे की सफाई का कार्य जारी रहा।
रात करीब साढ़े 11 बजे नारायणबगड़ गांव में एक विशालकाय सेमल का पेड़ जड़ समेत उखड़कर ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के दोमंजिले मकान पर गिर गया। हादसे के समय पूरा परिवार गहरी नींद में था। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। संयोगवश कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान, उससे लगी गौशाला और रसोई की दीवारों व छत को भारी नुकसान पहुंचा। पेड़ गिरने से नारायणबगड़-परखाल मोटर मार्ग भी रातभर बाधित रहा।
मंगलवार सुबह राजस्व उपनिरीक्षक जयवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर क्षति का निरीक्षण किया। इसके बाद डीडीआरएफ की टीम ने पेड़ हटाने और मार्ग खोलने का अभियान शुरू किया। ग्राम प्रधान गोदाम्बरी पंवार के पति राजेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि उन्होंने पूर्व में इस खतरनाक पेड़ को हटाने के लिए तहसील प्रशासन और वन विभाग से कई बार अनुरोध किया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।
लगातार बारिश के चलते टेंटुड़ा के सलधार गांव में भीषण भूस्खलन हो गया, जिससे रामेश्वरी देवी, दलवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, माधो सिंह, सुरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह और हरेंद्र सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं टेंटुड़ा, मानूर, बेड़गांव सहित दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।


