
ऊखीमठ।
दिवारा यात्रा के आगमन से श्रद्धा व आस्था का अनूठा संगम 25 वर्षो बाद हुआ राजराजेश्वरी व भगवती चण्डिका का ऐतिहासिक मिलन। तल्लानागपुर क्षेत्र की सुरम्य वादियो के मध्य चोपता फलासी मे जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती चण्डिका की 25 वर्षो बाद आयोजित दिवारा यात्रा के जलई गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पुष्प वर्षा कर भव्यस्वागत किया जबकि कण्डारा गांव मे महिलाओ व ग्रामीणो ने दिवारा यात्रा को भावुक क्षणो के साथ विदा किया ।
25 वर्षो बाद दिवारा यात्रा के आगमन से क्यूजा घाटी क्षेत्र मे भक्ति व आस्था का अनूठा संगम बना हुआ है । भगवती चण्डिका इन दिनो उत्तर दिवारा के तहत विभिन्न गांवो का भ्रमण कर ग्रामीणो की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दे रही है । लगभग 6 माह तक भगवती चण्डिका चारो दिशाओ का भ्रमण करेगी तथा चारो दिशाओ के भ्रमण के बाद घर दिवारा के तहत भगवती चण्डिका विभिन्न गांवो का भ्रमण करेगी व विशाल यज्ञ के साथ 25 वर्षो बाद आयोजित दिवारा यात्रा का समापन होगा । शुक्रवार को कण्डारा गांव मे विद्वान आचार्यो ने ब्रह्म बेला पर पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये समपन्न कर भगवान कार्तिक स्वामी , भगवती राज राजेश्वरी व भगवती चण्डिका सहित 33 कोटि देवी- देवताओ का आवाहन कर आरती उतारी तथा ठीक 10 बजे भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा ने कण्डारा गांव का नगर भ्रमण कर ग्रामीणो की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दिया । इस दौरान भगवती राजराजेश्वरी व भगवती चण्डिका के 25 वर्षो बाद ऐतिहासिक मिलन के हजारो श्रद्धालु साक्षी बने । दिवारा यात्रा के नगर भ्रमण के दौरान ग्रामीणो ने लाल – पीले वस्त्र व अनेक प्रकार की पूजा सामाग्री अर्पित कर विश्व समृद्धि व क्षेत्र के खुशहाली की कामना की । देर सांय भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा के जलई गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया । दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष मानवेंद्र बर्त्वाल ने बताया कि भगवती चण्डिका उत्तर दिवारा के तहत क्यूजा घाटी व तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवो का भ्रमण करते हुए भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंचेगी तथा ऊखीमठ ओकारेश्वर मन्दिर मे भगवती चण्डिका , भगवान केदारनाथ, भगवान मदमहेश्वर के 25 वर्षो बाद ऐतिहासिक मिलन के साक्षी हजारो श्रद्धालु बनेंगे। उन्होने बताया कि ओकारेश्वर मन्दिर मे तीर्थ दर्शन के बाद दिवारा यात्रा अगस्तमुनि क्षेत्र मे पर्दापण करेंगी तथा इस दौरान अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक परम्पराओ का निर्वहन किया जायेगा । इस मौके पर पण्डित दीपक बेजवाल, दिनेश बेजवाल, संगीत भट्ट , उपाध्यक्ष दलवीर राणा , कोषाध्यक्ष यशवन्त सिंह नेगी , सते सिंह नेगी , पवन बर्त्वाल, वासुदेव सिंह , पूर्व प्रधान महावीर नेगी , विलोचना रावत सहित कण्डारा , गैर व जलई गांवो के सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे ।


