आमसौड़ में पहाड़ टूटा, 150 मीटर तक दबा राष्ट्रीय राजमार्ग; पिंडर घाटी अंधेरे में डूबी

नारायणबगड़ –
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार देर रात कर्णप्रयाग–ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर नलगांव के समीप आमसौड़ में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से विशाल बोल्डरों और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे करीब 150 मीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग अवरुद्ध होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा।
गुरुवार सुबह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मार्ग खोलने का अभियान शुरू किया, लेकिन लगातार गिर रहे बोल्डरों और मलबे के कारण राहत कार्य बार-बार बाधित होता रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बड़ी पोकलैंड मशीनें तैनात की गईं। बीआरओ की टीमें दोनों ओर से मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बीआरओ के अवर अभियंता आर.के. सिंह ने बताया कि दोनों छोर से पोकलैंड मशीनों की मदद से विशाल बोल्डरों को हटाया जा रहा है। हालांकि लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते मार्ग को सुरक्षित ढंग से खोलने में समय लग सकता है।
पिंडर घाटी डूबी अंधरे मैं 33के वी लाइन के टूटने से
भूस्खलन की चपेट में आने से 33 केवी की मुख्य विद्युत लाइन को भी भारी नुकसान पहुंचा। विशाल बोल्डरों की टक्कर से लाइन के चार से पांच विद्युत पोल टूट गए, जिससे पिंडर घाटी के नारायणबगड़, कुलसारी, थराली और देवाल क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।यूपीसीएल के अवर अभियंता हेमंत चमोला ने बताया कि भूस्खलन में 33 केवी मुख्य लाइन के चार से पांच पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विद्युत विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन और दुर्गम परिस्थितियों के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा


