उत्तराखंड

एक दिवसीय कार्यशाला में कानून, जिम्मेदारी और रोकथाम पर हुआ मंथन

बाल संरक्षण को लेकर गोपेश्वर में जागरूकता का सशक्त प्रयास

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चमोली –

माउन्ट चिल्ड्रन फाउन्डेशन संस्था, नन्दानगर द्वारा आज दिनांक 09 अप्रैल 2026 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े 20 ग्राम पंचायतों की ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों के अधिकारों की जानकारी देना तथा ग्राम स्तर पर कार्यरत समितियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संवेदनशील विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर *पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा* द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), बाल श्रम निषेध कानून, बाल अंगों की तस्करी, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत आने वाले अपराधों एवं उनकी कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी समझाया कि किस प्रकार छोटे-छोटे संकेतों को पहचानकर समय रहते बच्चों को अपराधों का शिकार होने से बचाया जा सकता है ।उन्होंने कहा कि आज के समय में बाल अपराध एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनते जा रहे हैं, जिनकी रोकथाम के लिए समाज, पुलिस, प्रशासन एवं अभिभावकों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की सूचना छुपाना नहीं चाहिए, बल्कि तत्काल संबंधित प्राधिकरण को अवगत कराना चाहिए ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रतिभागियों को हेल्पलाइन नंबरों एवं शिकायत प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

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