उत्तराखंड

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा, चमोली पुलिस की प्रभावी विवेचना और पैरवी लाई रंग

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चमोली –

चमोली पुलिस द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित गंभीर मामले में की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना, सुदृढ़ साक्ष्य संकलन तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप माननीय विशेष सत्र न्यायाधीश, चमोली द्वारा *आरोपी विनय को दोषसिद्ध करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।*

वर्ष 2024 में थाना चमोली में पंजीकृत इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन विवेचक *उपनिरीक्षक पूनम खत्री* द्वारा अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता के साथ संपादित की गई। विवेचना के दौरान आवश्यक वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का संकलन कर अभियुक्त के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।

अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्यों एवं गवाहों को मजबूती से प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। चमोली पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। जनपद पुलिस का उद्देश्य ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिलाना है, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

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