उत्तराखंड

बारिश, ठंड और बेहोशी के बीच जिंदगी से जूझ रही 14 वर्षीय किशोरी के लिए देवदूत बनी चमोली पुलिस, मानवता की मिसाल पेश कर बचाई जान

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चमोली –

भ्यूंडार क्षेत्र में सायंकालीन गश्त के दौरान कांस्टेबल प्रदीप सिंह एवं होमगार्ड जयदीप कच्चे पुल के समीप गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सुनसान रास्ते पर बारिश में भीगी हुई, ठंड से कांपती और असहाय अवस्था में बैठी एक 14 वर्षीय किशोरी पर पड़ी। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम सीजत कौर निवासी लुधियाना (पंजाब) बताया, लगातार बारिश और अत्यधिक ठंड के कारण उसकी हालत बिगड़ चुकी थी तथा उसे सांस लेने में भी गंभीर परेशानी हो रही थी।

पुलिसकर्मी ने बिना एक पल गंवाए पहले अपनी जैकेट उतारकर किशोरी को पहनाई ताकि वह ठंड से बच सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल कंडी की व्यवस्था की और किशोरी को मेडिकल कैंप भ्यूंडार ले जा रहे थे, इसी बीच रास्ते में किशोरी की हालत और बिगड़ गई तथा वह बेहोश हो गई पुलिस कर्मियों द्वारा तत्परता के साथ गंभीर हालात में किशोरी को मेडिकल कैंप तक पहुँचाया।

हेमकुंड साहिब सेवा सिमरन सोसाइटी मेडिकल कैंप, भ्यूंडार पहुँचने पर चिकित्सकों द्वारा तत्काल किशोरी को ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ। होश में आने पर किशोरी ने पुलिस कर्मियों कोअपने माता-पिता और परिजनों की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

काफी खोजबीन के बाद किशोरी के चाचा नरेंद्र पाल सिंह का पता लगाया गया और उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाया गया। रात अधिक होने और क्षेत्र में अंधेरा होने के कारण पुलिस ने किशोरी एवं उसके चाचा की सुरक्षित रुकने की व्यवस्था कराई। देरी रात्रि किशोरी के माता-पिता अपनी बेटी को ढूँढते हुए कोतवाली गोविन्दघाट पहुँचे। पुलिस द्वारा जब उन्हें उनकी बेटी के सुरक्षित होने की सूचना दी तो माता-पिता ने राहत की साँस ली। आज प्रातः किशोरी के स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार होने पर उसे उसके चाचा के साथ सकुशल गोविंदघाट भेज दिया गया। कठिन परिस्थितियों में पुलिस द्वारा प्रदर्शित संवेदनशीलता, तत्परता एवं मानवीय सहयोग के लिए परिजनों ने गोविन्दघाट पुलिस कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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