उत्तराखंड

मुख्यमंत्री की घोषणा के 5 साल बाद भी नहीं शुरू हुईं विज्ञान की कक्षाएं; चमोली में आमरण अनशन की चेतावनी

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चमोली-

चमोली जिले के राजकीय इंटर कॉलेज (रा.इ.का.) चौंनघाट में मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद विज्ञान वर्ग की कक्षाएं संचालित न होने से स्थानीय जनता और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। शासन-प्रशासन की इस उदासीनता के खिलाफ अभिभावक संघ और तीन गांवों की जनता पिछले लगभग एक महीने से क्रमिक धरने पर बैठी है। मांग पूरी न होने की दशा में अब आंदोलनकारियों ने आमरण अनशन पर बैठने का अल्टीमेटम दे दिया है।

​इस संबंध में अभिभावक संघ, रा.इ.का. चौंनघाट के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह  की अगुवाई में जिला पंचायत सदस्य बुरा  भागवती देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षरों से युक्त एक ज्ञापन जिलाधिकारी चमोली को तहसीलदार घाट के माध्यम से सौंपा गया है।

​मुख्यमंत्री की घोषणा सिर्फ कागजों तक सीमित

​ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तराखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 में घोषणा संख्या 1749/2021 के तहत राजकीय इंटर कॉलेज चौंनघाट में विज्ञान वर्ग की कक्षाओं को संचालित करने की स्वीकृति दी गई थी। इस घोषणा के बाद क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में ही विज्ञान की शिक्षा मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन शासन और प्रशासन की घोर उदासीनता के कारण घोषणा के 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक यहां विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं।

​25 मई से जारी है क्रमिक धरना

​प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज अभिभावक संघ, घूनी, रमणी और पडेरगांव की जनता पिछले 25 मई 2026 से तहसील मुख्यालय घाट के समीप लगातार क्रमिक धरने पर बैठी हुई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्र के बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए मजबूरन अन्यत्र जाना पड़ता है या फिर वे इस विषय को पढ़ने से वंचित रह जाते हैं।

​30 जून तक का अल्टीमेटम, अन्यथा आमरण अनशन

​अभिभावक संघ ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मौजूदा सत्र में आगामी 30 जून 2026 तक विद्यालय में विज्ञान वर्ग की कक्षाओं के संचालन का आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो वे बच्चों के भविष्य को देखते हुए तहसील प्रांगण घाट में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आमरण अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

​जनप्रतिनिधियों का मिला पूरा समर्थन

​इस आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। जिलाधिकारी को भेजे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न पदाधिकारियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर व मुहर शामिल हैं: भगवती देवी (जिला पंचायत सदस्य, 25 बुरा वार्ड),​ चंद्रा देवी, पवित्रा देवी (सदस्य क्षेत्र पंचायत घूनी,​ जीत सिंह (अध्यक्ष पी.टी.ए.), कृपाल सिंह नेगी (पूर्व प्रमुख), देव सिंह नेगी, जगदीश सिंह घूनी और अब्बल सिंह कठैत सहित कई ग्रामीण।

​क्षेत्रीय जनता ने सरकार से मांग की है कि सीमांत क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए और मुख्यमंत्री की घोषणा को तत्काल धरातल पर उतारा जाए।

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