रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में 4 दिनों से जारी निहंगों का हंगामा शांत, पंजाब लौटे सिख
दिलवर सिंह बिष्ट /रुद्रप्रयाग-
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में पिछले चार दिनों से चला आ रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार समाप्त हो गया है। प्रशासन, गुरुद्वारा प्रबंधन और पंजाब से आए एक विशेष प्रतिनिधिमंडल की सूझबूझ से गुरुद्वारे की छत पर कब्जा जमाए बैठे निहंग सिख नीचे उतर आए हैं। इस समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल पूरी तरह खत्म हो गया है और स्थिति अब सामान्य है।
मारपीट और तनाव के बीच यूं बनी बात
विवाद के दौरान गुरुद्वारा परिसर में जमकर हंगामा और मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी तनाव पैदा हो गया था। निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर डटे हुए थे और नीचे उतरने को तैयार नहीं थे। पुलिस-प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन लगातार उनसे वार्ता का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सफलता चार दिन बाद मिली।
”पहाड़ के लोग हमारे भाई हैं” – पंजाब से आया शांति संदेश
इस गतिरोध को तोड़ने में पंजाब से आए सिखों के एक प्रतिनिधिमंडल (जत्थे) ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने छत पर चढ़े निहंगों से लंबी बातचीत की और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाया।
प्रतिनिधिमंडल के जत्थेदार ने भाईचारे का संदेश देते हुए कहा:
”हम यहाँ केवल प्यार का संदेश लेकर आए हैं। पहाड़ के स्थानीय लोग भी हमारे भाई हैं और हमारा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या अशांति फैलाना नहीं है।”
अपनी मोटरसाइकिलों से पंजाब रवाना हुए निहंग
सहमति बनने और मामला पूरी तरह सुलझने के बाद, छत से उतरे सभी निहंग सिख अपनी-अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पंजाब के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षा के लिहाज से अभी भी गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
मुख्य हाइलाइट्स:
अवधि: 4 दिनों तक चला गतिरोध और छत पर कब्जा।
कार्रवाई: पंजाब के प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त समझाइश से सुलझा मामला।
मौजूदा स्थिति: क्षेत्र में शांति बहाल, सभी निहंग पंजाब वापस लौटे।



