नारायणबगड़ में मलबे से हाईवे पर जलभराव, कई मोटर मार्ग बाधित, 60 बारातियों ने लॉज में बिताई रात
मानसून की पहली बारिश बनी मुसीबत, सड़कें बंद… रातभर फंसी रही बारात

नारायणबगड़,-
मानसून की दस्तक के साथ ही नारायणबगड़ ब्लॉक में पहली ही तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शुक्रवार रात करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से जहां कस्बे में नालों का पानी और मलबा बाजार तक पहुंच गया, वहीं कई आंतरिक मोटर मार्ग घंटों तक बंद रहे। सड़क बंद होने के कारण एक बारात के 60 लोगों को पूरी रात नारायणबगड़ के एक लॉज में रुकना पड़ा।
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश से राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) नारायणबगड़ तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे स्थित पहाड़ी नालों में उफान आ गया। नालों के साथ बहकर आया मिट्टी और पत्थरों का मलबा छात्रावास और जीआईसी परिसर से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। इससे जीत सिंह मार्केट, अस्पताल परिसर तथा एसबीआई के सामने जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश थमने के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
बारिश का सबसे अधिक असर सड़कों पर देखने को मिला। नारायणबगड़-परखाल-चोपता मोटर मार्ग पालछुनी के समीप बिजोरागाड़, परखाल सहित कई स्थानों पर मलबा आने से पूरी तरह बंद हो गया। वहीं नलगांव-कफारतीर मोटर मार्ग भी शनिवार पूरे दिन यातायात के लिए बंद रहा।
इसी दौरान रैस गांव से रूईशाण गांव गई रोशन कुमार पुत्र शंकर लाल की बारात वापसी में सड़क बंद होने के कारण बिजोरागाड़ के पास फंस गई। मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने से बारात में शामिल करीब 60 बारातियों को रात नारायणबगड़ स्थित अंजलि लॉज में बितानी पड़ी।
ग्राम प्रधान रैस दिगपाल राम ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला के प्रयासों से संबंधित विभाग ने शनिवार सुबह मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। सुबह करीब 9 बजे मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया, जिसके बाद बारात सकुशल अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकी।



