बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी के आरोपों की होगी जांच
बीकेटीसी अध्यक्ष ने दिए जांच समिति गठन के आदेश, दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सीईओ बोले— जांच पूरी होने से पहले भ्रामक आरोपों से बचें
चमोली –
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोपों का बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने संज्ञान लिया है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ द्वारा शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम के चढ़ावे एवं दान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को समिति ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक अन्य दावे का भी खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं है। संबंधित व्यक्ति बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, जो पूर्व में भी समिति के तीन अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी का पद या संबद्धता भ्रामक तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं है, लेकिन यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई की शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित शिकायत संबंधी प्रकरण के बाद बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि उपलब्ध फुटेज अपेक्षित रूप से स्पष्ट नहीं हैं, फिर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जानकारी समिति अध्यक्ष को उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि अध्यक्ष के निर्देश पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव अध्यक्ष को भेजा जा रहा है। समिति सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सीईओ ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत दोषियों के विरुद्ध वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतने की अपील की, ताकि धाम की गरिमा और प्रतिष्ठा पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।



