उत्तराखंड

बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति ने शुरू की पड़ताल, सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड खंगाले

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा प्रकरण

ख़बर को सुनें

चमोली –

श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावा एवं दान-भेंट की गणना में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा गठित चार सदस्यीय विभागीय जांच समिति ने बुधवार से मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी। समिति ने चढ़ावा गणना कक्ष में लगे पुराने एवं नए सीसीटीवी फुटेज, रोकड़ अभिलेखों, रजिस्टरों और अन्य महत्वपूर्ण पत्रावलियों का निरीक्षण कर आवश्यक तथ्य जुटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगण ने बताया कि जांच समिति ने बुधवार को चढ़ावा गणना कक्ष, डबल लॉक व्यवस्था, भंडार कक्षों और अन्य संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही समिति ने गणना प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए संबंधित कर्मचारियों से भी फीडबैक प्राप्त किया। जांच दल ने रोकड़ पत्रावलियों, अभिलेखों और रजिस्टरों का भी गहन परीक्षण किया। गौरतलब है कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा गणना में कथित अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति 7 जुलाई की शाम को बदरीनाथ पहुंची और बुधवार से औपचारिक जांच शुरू कर दी। जांच समिति में बीकेटीसी के वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एस.एस. बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी.एस. भुजवाण शामिल हैं।

## राज्य सरकार भी मामले की गंभीरता से ले रही है –

चढ़ावा की कथित हेराफेरी के मामले को राज्य सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस हाई पावर कमेटी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक **डॉ. संदीप तिवारी** तथा चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक **जगत सिंह चौहान** सदस्य हैं।

संभावना जताई जा रही है कि उच्च स्तरीय जांच समिति भी शीघ्र ही बदरीनाथ पहुंचकर मामले की जांच शुरू करेगी। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगण ने कहा कि मंदिर समिति उच्च स्तरीय जांच समिति को हर प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराएगी और जांच के लिए मांगे जाने वाले सभी अभिलेख, तकनीकी उपकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।

## सख्त प्रशासनिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं डॉ. संदीप तिवारी

उच्च स्तरीय जांच समिति के सदस्य और एनएचएम के निदेशक डॉ. संदीप तिवारी पूर्व में चमोली के जिलाधिकारी रह चुके हैं। जिले में उनकी पहचान एक मितभाषी, संवेदनशील और त्वरित निर्णय लेने वाले प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रही है। ऐसे में इस बहुचर्चित प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button