बाबा उत्तराखंडी को उक्रांत ने उनके शहीद दिवस पर किया याद

गैरसैण-
चमोली जिले के सुदूरवर्ती बिछना चांदपुर पट्टी के शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी की स्मृति में नेगी ने किया।आयोजन कर्ताओं द्वारा मुख्य अतिथि आशीष नेगी का फूलमालाओ , शाल भेंट कर स्वागत किया।मुख्य अतिथि उक्रांद युवा केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मेले से नव युवाओं को हमारी स्थानीय पौराणिक संस्कृति को जानने पहचानने की अच्छी पहल के साथ आपसी मेल मिलाप का घोतक हैं इससे एक दूसरे की संस्कृति ,सांस्कृतिक को जानने का अच्छा माध्यम और नई सोच और नई सोच को सीखने का मौका मिलता है। द्वेष भावना को दूर रखकर ऐसे मेलो से आपसी सौहार्द बना रहता है।हर युवा पुरुष महिला को इन मेलो से नई सोच नई नए नई नई जानकारी और अपने गांव में कैसा विकास हो उसके लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की सिख लेनी चाहिए और उसे धरातल पर उतारने का भरसक प्रयास करना चाहिए तभी स्वच्छ समाज का निर्माण हो सकता है उक्रांद केंद्रीय युवा अध्यक्ष आशीष नेगी ,युवा केंद्रीय प्रकोष्ठ महामंत्री अर्जुन कंडारी ,राज्य आदोलनकारी सेवानिवृत अध्यापक कमल किशोर डिमरी ,ने सर्वप्रथम बाबा मोहन उत्तराखंडी के स्मारक पर पुष्पांजलि दी और कहा कि बाबा मोहन उत्तराखंडी की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे जल जंगल जमीन गैरसैण राजधानी और अपने मूलभूत अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लेकर रहेंगे।स्थानीय महिलाओं द्वारा मां नंदा सुन्दा की रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।उन्होंने पूर्व कांग्रेस की नारायण दत्त सरकार को कोसते हुए अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार में शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी को घसीट घसीट कर ले जा रही थी तो भाजपा सरकार भी चुप्पी साधे रही सबका चुन चुन कर उक्रांद सरकार आने पर हिसाब लिया जाएगा जिन्होंने उत्तराखंड के लिए अपने सीने में गोली खाकर अपनी शहादत दी उनकी अवहेलना बार बार पूर्व व वर्तमान सरकार घोर अवहेलना कर रही है। उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा ने सपनों के उत्तराखंड बनाने के अनुरूप कार्य न कर 26 सालों में बारी बारी लुट खसोट कर अपनी झोलियां भरने का कार्य किया है।यह राष्ट्रीय पार्टियां सिर्फ उत्तराखंड को छलने के सिवाय कुछ नहीं कर सकती।उक्रांद अपने मौलिक अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी चाहे कितनी भी आगे शहादत देनी पड़ेगी इनकी तानाशाही अपने उत्तराखंडवासियों को नहीं नहीं सहने देंगे।



