स्मार्ट मीटर पर गोपेश्वर में बढ़ा जनाक्रोश, जनसंवाद में फूटा विरोध

–उपभोक्ताओं ने कहा– सहमति के बिना मीटर लगाए तो होगा व्यापक आंदोलन
चमोली –
चमोली जनपद मुख्यालय गोपेश्वर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर जनविरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को रामलीला मैदान में उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की ओर से आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में नगरवासियों ने स्मार्ट मीटर योजना पर खुलकर आपत्ति जताई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया गया तो उसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
जनसंवाद में नगर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, नगर पालिका के पार्षद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी शंकाएं और आपत्तियां रखते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है तथा विभागीय कर्मचारियों और ठेकेदारों की ओर से उपभोक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
वक्ताओं का कहना था कि यदि सरकार और विद्युत विभाग इस योजना को जनहितकारी बता रहे हैं तो पहले लोगों का विश्वास जीतें, उसकी पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं की स्वीकृति प्राप्त करें। उन्होंने दो टूक कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में गोपेश्वर के अधिकांश उपभोक्ता अपने घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाने के पक्ष में नहीं हैं। नगर पालिका के पूर्व पार्षद नवल भट्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी, नागरिक परिषद के सुरेन्द्र सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने कहा कि नगरवासियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे।
उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ने कहा कि जब उपभोक्ता स्वयं अपने घर या प्रतिष्ठान में स्मार्ट मीटर नहीं लगाना चाहता, तब सरकार और विद्युत विभाग को किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की इच्छा सर्वोपरि है और विभाग को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। जनसंवाद में वरिष्ठ नागरिक शांति प्रसाद भट्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी, पूर्व पार्षद नवल भट्ट, कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष उषा रावत, लीला रावत, ओम प्रकाश नेगी, योगेंद्र सिंह बिष्ट, मन्नू नेगी सहित अनेक नागरिकों ने अपने विचार रखते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की।


