आंसुओं के साथ कैलाश के लिए विदा हुई मां नंदा, जयकारों से गूंजा नंदानगर
नंदा की जय-जयकार से गूंजा कुरूड़

महिलाओं ने नम आंखों से दी बेटी को विदाई
चौसिंगा खाड़ू भी यात्रा के साथ हुआ रवाना
*नंदानगर, –
नंदानगर क्षेत्र एक बार फिर मां नंदा की भक्ति और आस्था में डूबा नजर आया। शनिवार दोपहर बाद जैसे ही मां नंदा की डोलीया मंदिर परिसर से बाहर निकली, पूरा वातावरण मां नंदा की जय’, ‘मां नंदा के जयकारों’ से गूंज उठा। डोली के बाहर आते ही महिलाओं की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अपनी बेटी मां नंदा को भावुक होकर कैलाश स्थित ससुराल के लिए विदा किया। विदाई के दौरान क्षेत्र में कई भावुक और श्रद्धा से ओतप्रोत पल देखने को मिले।
उत्तराखंड को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता। यहां होने वाले धार्मिक मेले, लोक परंपराएं और देवी-देवताओं की यात्राएं सदियों से चली आ रही आस्था और संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं। मां नंदा की कैलाश विदाई के दौरान नंदानगर कुरूड़ में भी ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मानो पूरा क्षेत्र अपनी बेटी को विदा करने के लिए उमड़ पड़ा हो।
मां नंदा की कैलाश विदाई के समय चौसिंगा खाड़ू को भी मां नंदा की यात्रा के साथ विदा किया गया। इस दौरान देव पासवा के अवतरित हो कर श्रद्धालुओं को दर्शन किए। देव पासवा ने क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और धन-धान्य की परिपूर्ति का आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही मां नंदा की जात यात्रा विधिवत शुरू हो गई। विदाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कई महिलाओं पर मां नंदा के अवतरण का दृश्य भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित माधुरी बर्त्वाल, लोक गीतों के संरक्षक नवीन जलोक तथा प्रसिद्ध लोक गायिका मीना राणा सहित अनेक जागर गायकों की प्रस्तुतियों से पूरा नंदानगर नंदामय बना रहा। मां नंदा की विदाई के मौके पर बड़ी संख्या में यूट्यूबर और सोशल मीडिया से जुड़े लोग भी दूर-दूर से पहुंचे और इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा को अपने कैमरों में कैद किया।
## विकास कार्यों की भी घोषणा
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक भूपाल राम टम्टा ने क्षेत्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में 11 मेलों को राजकीय मेला घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुरूड़ मंदिर के लिए 1.72 लाख रुपये तथा बैरासकुंड मंदिर के लिए 98 लाख रुपये की स्वीकृति की जा रही है। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 11 मंदिरों के लिए 1.32 लाख रुपये की स्वीकृति की बात भी उन्होंने कही।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राम प्रसाद गौड़, हरक सिंह नेगी, प्रेम राणा, गणेश शाह, लक्ष्मण खत्री, राजेंद्र भंडारी, कैप्टन हरेंद्र सिंह, सुखबीर रौतेला सहित प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पहले पड़ाव में कुंजुक-बंड मैठाणा में विश्राममां नंदा की जात यात्रा आगे बढ़ते हुए बधान की डोली चराबंग एवं से दशोली क्षेत्र की डोली कुंजुक-बंड मैठाणा में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद यात्रा अपने निर्धारित पड़ावों की ओर आगे बढ़ेगी।


