कर्णप्रयाग मारपीट मामला: चमोली कांग्रेस ने हरिद्वार SSP को जांच सौंपने का किया पुरजोर विरोध, जनआंदोलन की चेतावनी

चमोली (उत्तराखंड):
जनपद चमोली के कर्णप्रयाग में बीते 16 जून 2026 को हुई मारपीट की घटना को लेकर सवाल खड़े किये गई है। जिला कांग्रेस कमेटी चमोली ने इस मामले की जांच हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (SSP) को सौंपे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। इस संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सूबे के मुख्यमंत्री और चमोली के जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है।
जिला कांग्रेस कमेटी चमोली ने मुख्यमंत्री को सबोधित पत्र मे कहा है कि 16 जून 2026 को कर्णप्रयाग में एक मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें कुछ स्थानीय लोग घायल हुए थे और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल (कारागार) भेज दिया है।
जांच को लेकर क्यों है विवाद?
कांग्रेस कमेटी का कहना है कि अब जानकारी मिली है कि मारपीट करने वाले एक श्रद्धालु के पिता की तहरीर पर 20 अज्ञात स्थानीय लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस नए मुकदमे की जांच हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (SSP) को सौंप दी गई है।
कांग्रेस ने इस फैसले का पुरजोर विरोध किया है। पार्टी का तर्क है कि:जब घटना जनपद चमोली की है, तो इसकी जांच भी चमोली जनपद के अंदर ही होनी चाहिए या फिर किसी निकटवर्ती जनपद के जांच अधिकारी को सौंपी जानी चाहिए। मामले की जांच उस जिले के पुलिस अधीक्षक को नहीं दी जानी चाहिए, जहां संबंधित (श्रद्धालु) पक्षकार की पैरवी का जिला पड़ता हो। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस की मांग और जनआंदोलन की चेतावनी कांग्रेस पार्टी ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस मुकदमे की जांच हरिद्वार पुलिस के बजाय चमोली जनपद के भीतर या किसी नजदीकी जिले के अधिकारी से कराई जाए। जिला कांग्रेस कमेटी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जांच का क्षेत्र नहीं बदला गया, तो कांग्रेस पार्टी उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस ज्ञापन पर पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश नेगी, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी सहित चमोली जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर मौजूद हैं।



