देहरादून से दबोचा गया अंतिम आरोपी, अंतरराष्ट्रीय चरस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
चमोली पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार

चमोली (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के चमोली जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। चमोली पुलिस ने करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले कमर्शियल चरस तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे अंतिम मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने चरस तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी श्रृंखला (सप्लाई चेन) का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) चमोली, सुरजीत सिंह पँवार के कुशल नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि देवभूमि में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? (08 दिसंबर 2025 की घटना)
इस पूरे मामले की शुरुआत पिछले साल 08 दिसंबर 2025 को हुई थी। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर (तेलाधाम) के पास कोतवाली चमोली पुलिस द्वारा रूटीन वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक ‘Hero X-Pulse Pro’ मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया।
पुलिस को सामने देख बाइक सवार घबरा गया और उसने तेजी से भागने का प्रयास किया, लेकिन अनियंत्रित होकर वह सड़क पर ही गिर गया। पुलिस ने जब शक के आधार पर उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से 1.115 किलोग्राम कमर्शियल मात्रा की अवैध चरस बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब ₹2.23 लाख आंकी गई थी।
पुलिस ने मौके से मुख्य अभियुक्त हिमांशु पुरोहित को गिरफ्तार कर उसकी मोटरसाइकिल जब्त की और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/20/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की कमान निरीक्षक नरेन्द्र रावत को सौंपी गई।
कड़ी से कड़ी जुड़ी: ऐसे नेस्तनाबूद हुआ पूरा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपी हिमांशू से गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के संकलन के बाद इस नेटवर्क में दो अन्य बड़े चेहरों की संलिप्तता सामने आई:
दूसरी गिरफ्तारी (24 फरवरी 2026): पुलिस ने लगातार दबिश देते हुए इस साल 24 फरवरी को हेलंग के रहने वाले अभियुक्त अमनदीप सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।
अंतिम मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी (26 जून 2026): नेटवर्क का आखिरी और मुख्य कड़ी माना जाने वाला आरोपी गोविन्द कुमार (पुत्र गुड्डू राम, निवासी पाणा, चमोली) लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की एसओजी (SOG) और स्थानीय टीम ने अपने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस (तकनीकी साक्ष्यों) की मदद से जाल बिछाया और आखिरकार 26 जून 2026 को उसे देहरादून से धर दबोचा।आरोपी गोविन्द कुमार को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस ड्रग चेन के सभी तीन आरोपी अब सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम
इस जटिल नेटवर्क को तोड़ने और फरार आरोपियों को दबोचने में चमोली पुलिस की इस टीम ने मुख्य भूमिका निभाई: -निरीक्षक नरेन्द्र रावत (विवेचक),उपनिरीक्षक सत्येन्द्र बुटोला (प्रभारी, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप – SOG),उपनिरीक्षक मनोज भट्ट, शामिल रहें।



