बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण: पुलिस ने कब्जे में लिए 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज, बीकेटीसी ने कर्मचारियों की छुट्टियां कीं निरस्त
चमोली –
श्री बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा गणना के दौरान कथित हेराफेरी के मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस विवेचना टीम ने शनिवार को विवादित दिन 2 जुलाई की चढ़ावा गणना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में लेकर अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 2 जुलाई को बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा गणना के दौरान संदिग्ध अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए घटनाक्रम से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
शनिवार को पुलिस टीम ने मंदिर समिति से गणना स्थल के सीसीटीवी फुटेज मांगे, जिन्हें पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगण ने बताया कि पुलिस विवेचना के लिए जिन-जिन दस्तावेजों और अभिलेखों की मांग कर रही है, उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
## जांच समिति सोमवार को सौंपेगी रिपोर्ट
मामले की जांच के लिए बीकेटीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगण के अनुसार समिति सोमवार को अपनी रिपोर्ट बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी को सौंप सकती है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
## बीकेटीसी ने कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां कीं निरस्त
इस बीच बीकेटीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि पहले से अवकाश पर गए बदरीनाथ में तैनात मंदिर समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं तथा उन्हें तत्काल कार्यस्थल पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निर्देश जारी किए गए हैं कि बदरीनाथ में तैनात कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी की अनुमति के बिना अपना कार्यस्थल नहीं छोड़ेगा।
## पुलिस ने मांगे अन्य दस्तावेज, भेजा रिमाइंडर
पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि विवेचना के लिए मंदिर समिति से कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख भी मांगे गए हैं, जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसके लिए मंदिर समिति को रिमाइंडर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए सभी आवश्यक साक्ष्यों और दस्तावेजों का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।



