उत्तराखंड

बारिश बनी आफत: चमोली के 90 से अधिक गांव अंधेरे में, 25 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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—-बिजली लाइनों में कई स्थानों पर ब्रेकडाउन, ग्रामीण बारिश और अंधेरे में रहने को मजबूर • गैरसैंण में सर्वाधिक 61 मिमी वर्षा दर्ज

चमोली –

चमोली जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। शनिवार देर रात हुई तेज बारिश ने जिले के विद्युत और सड़क नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। विभिन्न स्थानों पर बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से 90 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जबकि 25 ग्रामीण एवं लिंक सड़कें मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हैं। इससे हजारों ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं और उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है।

जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार, तपोवन फीडर-11 की बी लाइन में ब्रेकडाउन होने से लगभग 25 गांव, हेलंग फीडर में खराबी आने से 15 गांव, लंगासू फीडर के ठप होने से 35 गांव, सिदोली फीडर में तकनीकी खराबी के कारण करीब 30 गांव तथा सिमली फीडर में ब्रेकडाउन होने से 10 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। विद्युत विभाग की टीमें लगातार दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दकिशोर जोशी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। वहीं सड़कों से मलबा हटाने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें भी लगातार लगाई गई हैं।

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियां दरकने लगी हैं और कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा एवं विशाल बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। इससे जिले के 25 ग्रामीण और लिंक मार्ग बंद पड़े हैं। सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क मुख्य बाजारों और स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावित हुआ है। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

इनसेट: गैरसैंण में सबसे अधिक बारिश

शनिवार रात से रविवार सुबह तक जिले में सबसे अधिक वर्षा गैरसैंण तहसील में दर्ज की गई। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गैरसैंण में 61 मिमी, कर्णप्रयाग में 41.4 मिमी तथा चमोली तहसील में 32.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के समीप न जाने की अपील की है।

इंसेट —-

जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई लगातार बारिश अब चमोली में आपदा जैसी स्थिति पैदा करती दिखाई दे रही है। बिजली, सड़क और संचार जैसी बुनियादी सेवाओं के प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानी बढ़ गई है। विशेष रूप से दुर्गम गांवों में बिजली गुल रहने से पेयजल योजनाएं, मोबाइल नेटवर्क और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। यदि मौसम जल्द नहीं खुला, तो राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में और अधिक समय लग सकता है। प्रशासन और विद्युत विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार बारिश के बीच प्रभावित गांवों तक सुरक्षित पहुंच बनाकर आवश्यक सेवाओं को शीघ्र बहाल करना है।

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