बेस चिकित्सालय श्रीनगर में शुरू हुई अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड सेवा
सरकारी दरों पर होंगे सभी प्रकार के अल्ट्रासाउंड, मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी निजी केंद्रों की दौड़

मरीजों को अब एक ही छत के नीचे मिलेगी सभी जांचों की सुविधा
श्रीनगर गढ़वाल-
हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर में सोमवार से अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) सेवा का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को सभी प्रकार की अल्ट्रासाउंड जांच अस्पताल में ही सरकारी निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें जांच के लिए निजी केंद्रों या अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
अल्ट्रासाउंड कक्ष का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.एन. पांडेय और नवनियुक्त रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनिता आर्य ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि डिजिटल अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू होने से मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि ओपीडी से आने वाले प्रत्येक मरीज का अल्ट्रासाउंड अस्पताल में ही सरकारी दरों के अनुसार किया जाएगा, जिससे मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है तथा भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा।
नवनियुक्त रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनिता आर्य ने बताया कि अस्पताल में अब सामान्य से लेकर विशेष प्रकार की सभी अल्ट्रासाउंड जांचें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही उन्होंने बेस अस्पताल परिवार का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया। अस्पताल में अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू होने पर मरीजों और उनके परिजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन का धन्यवाद किया। उनका कहना था कि अब जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय, धन और अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नई डिजिटल तकनीक से जांच पहले की तुलना में अधिक सटीक, स्पष्ट और कम समय में हो सकेगी। इससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए देहरादून, ऋषिकेश या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होगी। नई मशीन के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की निगरानी के अलावा लीवर, किडनी, पित्ताशय, अग्न्याशय, मूत्राशय, प्रोस्टेट, थायराइड, गर्भाशय और अंडाशय सहित कई महत्वपूर्ण अंगों की जांच की जा सकेगी। इसके साथ ही शरीर में गांठ, सूजन, पथरी, आंतरिक रक्तस्राव तथा अन्य जटिल बीमारियों का भी समय रहते सटीक परीक्षण संभव होगा विशेषज्ञों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड जांच उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों पर आधारित होती है और इसमें किसी प्रकार का रेडिएशन नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित जांच पद्धति मानी जाती है। इस अवसर पर डॉ. दीपा हटवाल, डॉ. धनंजय डोभाल, डॉ. मोहित, एजीएम राम कृष्ण, राजेंद्र चौहान, एसके भट्ट सहित अस्पताल के अनेक चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


