किमाणा गांव के ग्रामीण रात भार जाग बचा रहे हैं ग्रामीणों को

ज्योतिर्मठ।
सीमांत ब्लॉक ज्योतिर्मठ के किमाणा गाँव पर पिछले बीस दिनों से गाँव के ठीक ऊपर से बहकर आ रहे मलबे का संकट मंडरा रहा है, हालात यह हैं कि ग्रामीण रात रात जग कर किसी तरह जान माल व पशुधन की रक्षा मे जुटे हैं।
किमाणा गाँव पर अचानक आए इस संकट से निजात दिलाने के लिए प्रशासन भी चिंतित है, राजस्व एवं भू गर्भ वेत्ता को गुरुवार को किमाणा गाँव पहुंचना था, लेकिन भारी वारिश व सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण टीम किमाणा नहीं पहुँच सकी किमाणा की प्रधान शशि देवी के अनुसार हल्की वारिश मे भी मलबा भीषण रूप लेकर गाँव के बीचों बीच पहुँच रहा है, जिसके कारण ग्रामीण जान माल की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं, उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से टेंट/त्रिपाल तो दिए गए हैं लेकिन गाँव के ऊपर से बहकर आ रहा अनियंत्रित मलबा कब किस ओर रुख कर ले इसे लेकर भी चिंता बनी हुई है। ज्योतिर्मठ के एसडीएम चन्द्रशेखर बशिष्ठ के अनुसार राजस्व टीम के साथ भू गर्भ वेत्ता को भी प्रभावित गाँव किमाणा भेजा गया है, उनकी रिपोर्ट को शासन को संदर्भित कर सुरक्षात्मक कार्यवाही की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि भू गर्भ टीम द्वारा आपदा प्रभावित पगनो गाँव देवग्राम का भी स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा।


