कर्णप्रयाग में आवारा पशुओं से परेशानी, पालिका ने लाउडस्पीकर से पशुपालकों को किया आगाह
कर्णप्रयाग-
नगर में आवारा गोवंश की बढ़ती समस्या को देखते हुए पालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पालिका द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से पशुपालकों को आगाह किया जा रहा है कि वे अपने पशुओं को बाजार में खुला न छोड़ें और उन्हें अपने नियंत्रण में रखें। पालिका ने आवारा गोवंश को गौसदन भेजने का अभियान भी शुरू कर दिया है।नगर के मुख्य बाजार, मुख्य मार्ग और पैदल रास्तों पर दिन-रात आवारा पशु घूमते नजर आते हैं। इससे पैदल चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार पशुओं के आपस में लड़ने और सड़क पर अचानक आ जाने से लोग चोटिल भी हो चुके हैं। बाजार में कूड़े के ढेर में चारा तलाशते गोवंश आम दृश्य बन गया है। उल्लेखनीय है कि करीब 5 साल पूर्व पालिका द्वारा 20 लाख की लागत से नैनीसैंण मार्ग पर एक गौसदन का निर्माण किया गया था। वर्तमान में इस गौसदन में करीब 20 गोवंश रह रहे हैं। लेकिन नगर में अभी भी बड़ी संख्या में गोवंश खुले में घूम रहे हैं। पालिका अधिकारियों का कहना है कि पशुपालक अपने दुधारू पशुओं का दूध निकालने के बाद उन्हें बाजार में छोड़ देते हैं। बार-बार समझाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। अब अभियान के तहत पकड़े गए आवारा पशुओं को गौसदन भेजा जाएगा और संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। पालिका ने लोगों से भी अपील की है कि वे आवारा पशुओं की सूचना पालिका को दें।


